जो पहला शब्द बोला मॆ तेरा ही नाम मुह पर आया था
देख के तेरी पहली झलक ही ,मे रोते से खिल्खिलाया था.
गोद मे भर के जो देखा तुने ,तुझ्मे भगवान ही नजर मुझे आया था.
सारा सन्सार ही उस वक्त मेने सामने ही खडा पाया था.
पहला कदम जो रखा मेने,तब तुने ही मुझे सम्भाला था.
मेरी हर गल्ती को माफ़ कर,आन्च्ल मे अपने मुझे छुपाया था.
जब कभी मै बीमार हुआ, तुने आन्खो-२ मे दिन गुजारा था.
रो -२ के अप्ने आन्सुवो से जखमो को मेरे भर डाला था.
मा मेरी तुने बच्चे को दिल के टुकडे की तर्ह पाला था.
हा मान्ता हु अह्सानो को तेरे मै कभी चुका ना पाउगा.
पर वादा है तुझ्से तेरी एक आह पर ,दुनिया हिला मै जाउन्गा.
hello Dheeraj ,
ReplyDeleteNice poem yaar...
thanx for such a heart-touching words ..
really d most most beautiful poem bhai..
ReplyDeletekeep it up
thank u
ReplyDelete